आज से UPI पेमेंट का बदल गया ये नियम! 2000 से अधिक ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर लगेगा चार्ज | UPI Payment Rules

By Priya

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UPI Payment Rules

UPI Payment Rules – भारत में डिजिटल पेमेंट की दुनिया में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। UPI (Unified Payments Interface) ने पिछले कुछ वर्षों में देश की पेमेंट संस्कृति को पूरी तरह बदल दिया है। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यापारी तक, सभी UPI के माध्यम से लेन-देन करते हैं। लेकिन अब UPI पेमेंट से जुड़े नए नियमों की खबर सामने आई है, जिससे लाखों यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं।

UPI पेमेंट पर चार्ज का नया नियम

सोशल मीडिया और विभिन्न न्यूज प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है कि 2000 रुपये से अधिक के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर अब चार्ज लगाया जाएगा। यह खबर सुनकर करोड़ों UPI यूजर्स चिंतित हो गए हैं, क्योंकि UPI की सबसे बड़ी खासियत ही यह थी कि यह पूरी तरह फ्री सर्विस थी। लेकिन क्या वाकई में यह सच है? आइए विस्तार से समझते हैं।

क्या है असली सच्चाई?

पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात यह जानना जरूरी है कि यह नियम सीधे तौर पर आम यूजर्स के लिए नहीं है। National Payments Corporation of India (NPCI) ने Prepaid Payment Instruments (PPI) मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए इंटरचेंज शुल्क की घोषणा की है। यह शुल्क मुख्य रूप से वॉलेट से किए जाने वाले UPI ट्रांजैक्शन पर लागू होता है।

वर्तमान में, अगर कोई व्यक्ति अपने बैंक अकाउंट से सीधे UPI के माध्यम से पेमेंट करता है, तो उस पर कोई चार्ज नहीं लगता है। यह सुविधा पहले की तरह बिल्कुल फ्री रहेगी। हालांकि, अगर आप Paytm, PhonePe, Google Pay जैसे वॉलेट में पैसे डालकर, उसके बाद किसी मर्चेंट को UPI के जरिए पेमेंट करते हैं, तो वहां नए नियम लागू हो सकते हैं।

नए नियमों की विस्तृत जानकारी

NPCI द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार:

ट्रांजैक्शन स्लैब और चार्ज:

  • 2000 रुपये तक के PPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर कोई इंटरचेंज फीस नहीं लगेगी
  • 2000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 1.1% तक का चार्ज लग सकता है
  • यह चार्ज मुख्य रूप से मर्चेंट को देना होगा, यूजर को नहीं

मर्चेंट और यूजर पर प्रभाव

यह बदलाव सीधे तौर पर छोटे और मध्यम व्यापारियों को प्रभावित कर सकता है। अगर कोई मर्चेंट वॉलेट-बेस्ड UPI पेमेंट स्वीकार करता है और ट्रांजैक्शन 2000 रुपये से अधिक का है, तो उसे इंटरचेंज शुल्क देना पड़ सकता है। हालांकि, कई मर्चेंट इस अतिरिक्त लागत को ग्राहकों पर डाल सकते हैं, जिससे अंततः उपभोक्ता को ही इसका भुगतान करना पड़ेगा।

लेकिन याद रखें – अगर आप सीधे अपने बैंक अकाउंट से UPI पेमेंट करते हैं, तो यह नियम आप पर लागू नहीं होता।

बैंक अकाउंट vs वॉलेट: क्या है अंतर?

बैंक अकाउंट से UPI पेमेंट:

  • यह सबसे सामान्य तरीका है
  • PhonePe, Google Pay, Paytm आदि ऐप में बैंक अकाउंट लिंक करके डायरेक्ट पेमेंट
  • इस पर कोई चार्ज नहीं है और न ही लगने वाला है
  • यह पूरी तरह फ्री रहेगा

वॉलेट से UPI पेमेंट:

  • पहले वॉलेट में पैसे लोड करना पड़ता है
  • फिर उस वॉलेट बैलेंस से मर्चेंट को पेमेंट करना
  • यहीं पर नया नियम लागू होता है
  • 2000 रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर संभावित चार्ज

किन यूजर्स को चिंता करने की जरूरत है?

अगर आप निम्नलिखित श्रेणी में आते हैं, तो आपको सतर्क रहना चाहिए:

  1. वॉलेट यूजर्स: जो लोग नियमित रूप से अपने डिजिटल वॉलेट में पैसे डालकर खरीदारी करते हैं
  2. बड़े ट्रांजैक्शन करने वाले: जो अक्सर 2000 रुपये से अधिक की ऑनलाइन खरीदारी करते हैं
  3. मर्चेंट: जो PPI-based UPI पेमेंट स्वीकार करते हैं

यूजर्स के लिए व्यावहारिक सुझाव

चार्ज से बचने के तरीके:

  1. सीधे बैंक अकाउंट का उपयोग करें: हमेशा अपने बैंक अकाउंट से लिंक UPI का उपयोग करें, वॉलेट बैलेंस से पेमेंट करने से बचें
  2. छोटे ट्रांजैक्शन में बांटें: अगर संभव हो, तो बड़ी खरीदारी को छोटे भागों में विभाजित करें
  3. ऑफर और कैशबैक का लाभ उठाएं: कई बैंक UPI ट्रांजैक्शन पर कैशबैक देते हैं
  4. BHIM UPI का उपयोग करें: सरकारी ऐप पर विशेष लाभ मिल सकते हैं

UPI की बढ़ती लोकप्रियता

भारत में UPI ने 2016 में लॉन्च होने के बाद से अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। आंकड़ों के अनुसार, हर महीने 12 अरब से अधिक UPI ट्रांजैक्शन होते हैं, जिनकी कुल वैल्यू 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन गई है।

सरकार और NPCI का स्टैंड

NPCI ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को सस्टेनेबल बनाने के लिए किया गया है। बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को भी इस सिस्टम को चलाने के लिए लागत वहन करनी पड़ती है। यह इंटरचेंज शुल्क उन लागतों को कवर करने में मदद करेगा।

भविष्य में क्या उम्मीद करें?

डिजिटल पेमेंट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह बदलाव अस्थायी है और धीरे-धीरे UPI इकोसिस्टम में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, सरकार का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना है, इसलिए आम यूजर्स के लिए UPI फ्री ही रहेगा।

निष्कर्ष

वायरल हो रही खबरों से घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आप सामान्य तरीके से, यानी अपने बैंक अकाउंट से सीधे UPI पेमेंट करते हैं, तो आप पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। नया नियम मुख्य रूप से PPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए है, और वह भी 2000 रुपये से अधिक की राशि पर।

UPI भारत की डिजिटल क्रांति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह आने वाले समय में और भी मजबूत होगी। बस जरूरत है सही जानकारी रखने की और अफवाहों से बचने की। हमेशा आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें और स्मार्ट तरीके से डिजिटल पेमेंट का उपयोग करें।

याद रखें – डिजिटल इंडिया का सपना तभी सफल होगा जब हम सभी जागरूक और सूचित नागरिक बनेंगे।

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