फरवरी से नया वेतन आयोग लागू होने की चर्चा! सैलरी और डीए पर बड़ा अपडेट सामने आया | 8th Pay Commission

By Priya

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केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। फरवरी 2026 से नए वेतन आयोग के लागू होने की चर्चाओं ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है। केंद्रीय कर्मचारी संघों और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात की संभावना जताई जा रही है कि सरकार जल्द ही 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर सकती है। यह खबर लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

7वें वेतन आयोग का कार्यकाल और नए आयोग की आवश्यकता

वर्तमान में लागू 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुआ था। आमतौर पर हर दस साल में नया वेतन आयोग गठित किया जाता है, जिसके हिसाब से 8वें वेतन आयोग का गठन 2026 में होना तय माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में महंगाई दर में लगातार वृद्धि और जीवन यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारी संगठन लंबे समय से नए वेतन आयोग की मांग कर रहे हैं।

फरवरी 2026 में क्या होगा खास?

सूत्रों के अनुसार, सरकार फरवरी 2026 में 8वें वेतन आयोग के गठन की आधिकारिक घोषणा कर सकती है। हालांकि इसका वास्तविक कार्यान्वयन कुछ समय बाद होगा, लेकिन घोषणा होते ही कर्मचारियों में नई उम्मीद जागृत हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकता है, और इसकी सिफारिशें अगले 18 से 24 महीनों में लागू की जा सकती हैं।

फिटमेंट फैक्टर में होगा बड़ा बदलाव

8वें वेतन आयोग की सबसे महत्वपूर्ण बात फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जबकि नए वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 2.86 या इससे भी अधिक किया जा सकता है। इसका सीधा असर कर्मचारियों की मूल वेतन पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का वर्तमान मूल वेतन 18,000 रुपये है, तो नए फिटमेंट फैक्टर के साथ यह बढ़कर लगभग 51,480 रुपये हो सकता है।

न्यूनतम वेतन में अपेक्षित वृद्धि

वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये प्रति माह है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर कम से कम 26,000 रुपये या इससे भी अधिक किया जाए। महंगाई भत्ता (DA) को मूल वेतन में मिलाने के बाद यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि नया न्यूनतम वेतन 30,000 रुपये तक भी हो सकता है।

महंगाई भत्ता (DA) पर बड़ा अपडेट

महंगाई भत्ते को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना है। वर्तमान में DA की दर जनवरी 2026 तक 55 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने के साथ ही DA को मूल वेतन में समाहित कर दिया जाएगा और फिर से शून्य से DA की गणना शुरू होगी। यह प्रक्रिया हर वेतन आयोग में अपनाई जाती है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों का मूल वेतन काफी बढ़ जाएगा, जिससे उनके अन्य भत्तों और पेंशन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

HRA और अन्य भत्तों में संभावित बदलाव

8वें वेतन आयोग के तहत मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्तों में भी संशोधन की संभावना है। वर्तमान में HRA विभिन्न श्रेणी के शहरों के लिए अलग-अलग दरों पर दिया जाता है – X श्रेणी शहरों में 24%, Y श्रेणी में 16% और Z श्रेणी में 8%। नए वेतन आयोग में इन दरों को बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही परिवहन भत्ता, चिकित्सा भत्ता और अन्य विशेष भत्तों में भी वृद्धि की जा सकती है।

पेंशनभोगियों के लिए राहत

8वां वेतन आयोग केवल कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि पेंशनभोगियों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आ सकता है। पेंशन की गणना भी नए फिटमेंट फैक्टर के आधार पर की जाएगी, जिससे पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वर्तमान में न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये है, जो नए वेतन आयोग के बाद 15,000 रुपये या इससे भी अधिक हो सकती है।

सरकार की तैयारियां और चुनौतियां

8वें वेतन आयोग के कार्यान्वयन से सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसका वार्षिक खर्च लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इसके बावजूद, सरकार कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में सकारात्मक कदम उठा सकती है। राजकोषीय स्थिति को संतुलित रखते हुए इस बड़े निर्णय को लागू करना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

कर्मचारी संगठनों की मांगें

विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठन जैसे कि नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम और अन्य यूनियनें लगातार सरकार से मिलकर अपनी मांगें रख रही हैं। उनकी प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर को 3.68 तक बढ़ाना, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, और सभी भत्तों में उचित वृद्धि शामिल है। हालांकि सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन वार्ताएं जारी हैं।

आगे की राह

फरवरी 2026 में 8वें वेतन आयोग की घोषणा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। हालांकि अभी यह सब अनुमान और चर्चाओं के दायरे में है, लेकिन सरकार की तैयारियां और कर्मचारी संगठनों की सक्रियता इस बात का संकेत देती है कि जल्द ही कुछ ठोस घोषणाएं हो सकती हैं। कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक सूचनाओं का इंतजार करें और अफवाहों से बचें।

अंतिम निर्णय सरकार के हाथ में है, लेकिन सभी संकेत यही बता रहे हैं कि 2026 केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित होने वाला है। आने वाले दिनों में इस विषय पर और अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है।

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