EPFO Pension Scheme 2026 – कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वर्ष 2026 में पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। संगठन ने अपनी पेंशन योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिससे लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को फायदा होने वाला है। खासकर 36-मंथ नियम में दी गई राहत ने पेंशनभोगियों के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं।
36-मंथ नियम में क्या बदलाव हुआ?
पहले के नियमों के अनुसार, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 साल की सेवा अनिवार्य थी। लेकिन इस 10 साल की सेवा में से अंतिम 36 महीने (3 साल) की निरंतर सेवा का विशेष महत्व था। यदि किसी कर्मचारी ने अंतिम 36 महीने में नौकरी बदली या सेवा में गैप रहा, तो उनकी पेंशन की गणना में समस्याएं आती थीं।
नए अपडेट में EPFO ने इस नियम को अधिक लचीला बना दिया है। अब यदि किसी कर्मचारी ने अंतिम 36 महीनों में भी नौकरी बदली है, तो उनकी पेंशन की गणना में सबसे अधिक वेतन वाले 60 महीनों (5 साल) के औसत को आधार बनाया जाएगा। यह बदलाव उन कर्मचारियों के लिए बेहद फायदेमंद है जिन्होंने अपने करियर के अंतिम चरण में नौकरी बदली थी।
₹7,500 मासिक पेंशन कैसे मिलेगी?
EPFO की नई पेंशन गणना प्रणाली के तहत, यदि किसी कर्मचारी की पेंशन योग्य वेतन ₹15,000 प्रति माह है और उन्होंने 35 साल की सेवा पूरी की है, तो वे ₹7,500 तक की मासिक पेंशन के हकदार हो सकते हैं।
पेंशन की गणना का फॉर्मूला इस प्रकार है: मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × सेवा वर्ष) ÷ 70
उदाहरण के लिए:
- पेंशन योग्य वेतन: ₹15,000
- सेवा अवधि: 35 साल
- मासिक पेंशन: (15,000 × 35) ÷ 70 = ₹7,500
यह राशि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक सम्मानजनक आय सुनिश्चित करती है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
1. बार-बार नौकरी बदलने वाले कर्मचारी
जिन कर्मचारियों ने अपने करियर में कई बार नौकरी बदली है, उन्हें अब पेंशन गणना में राहत मिलेगी। पहले के नियमों में ऐसे कर्मचारियों की पेंशन कम हो जाती थी।
2. अनौपचारिक क्षेत्र के कर्मचारी
जो कर्मचारी छोटे संगठनों में काम करते हैं और जहां नियमित EPF कटौती होती है, वे भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
3. 58 वर्ष से अधिक उम्र के सेवानिवृत्त
जो कर्मचारी पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं और 58 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं, वे भी संशोधित नियमों के तहत अपनी पेंशन की पुनर्गणना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
EPFO पेंशन योजना 2026 की मुख्य विशेषताएं
न्यूनतम पेंशन की गारंटी
EPFO ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक पात्र सदस्य को कम से कम ₹1,000 की न्यूनतम मासिक पेंशन मिलेगी। यह उन कर्मचारियों के लिए विशेष राहत है जिनकी सेवा अवधि कम रही है।
परिवार पेंशन का प्रावधान
पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी/पति या आश्रितों को पेंशन का 50% भाग मिलता रहेगा। यह प्रावधान परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
समय से पहले पेंशन का विकल्प
कर्मचारी 50 वर्ष की आयु से ही पेंशन लेना शुरू कर सकते हैं, हालांकि इसमें कुछ कटौती होती है। यदि कोई 58 वर्ष की आयु तक इंतजार करता है, तो उन्हें पूर्ण पेंशन मिलती है।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
EPFO ने अपने पोर्टल को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया है। अब पेंशन के लिए आवेदन, स्टेटस चेक करना और शिकायत दर्ज करना पूरी तरह से ऑनलाइन हो गया है।
पेंशन के लिए आवेदन कैसे करें?
चरण 1: UAN सक्रिय करें
सबसे पहले अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) सक्रिय करें और अपना मोबाइल नंबर व आधार कार्ड लिंक करें।
चरण 2: EPFO पोर्टल पर लॉगिन करें
EPFO की आधिकारिक वेबसाइट www.epfindia.gov.in पर जाएं और अपने UAN और पासवर्ड से लॉगिन करें।
चरण 3: पेंशन के लिए आवेदन करें
‘ऑनलाइन सर्विसेज’ सेक्शन में जाकर ‘क्लेम (फॉर्म-10D)’ का चयन करें। आवश्यक जानकारी भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
चरण 4: बैंक विवरण जमा करें
अपने बैंक खाते की जानकरी दें जहां आप पेंशन प्राप्त करना चाहते हैं। केवल आधार लिंक्ड बैंक खाते ही मान्य होंगे।
चरण 5: सत्यापन प्रक्रिया
आवेदन जमा करने के बाद, EPFO आपके दस्तावेजों का सत्यापन करेगा। यह प्रक्रिया सामान्यतः 20-30 दिनों में पूरी हो जाती है।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- PAN कार्ड
- बैंक पासबुक की कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जन्म प्रमाण पत्र
- अंतिम नियोक्ता का प्रमाण पत्र
- फॉर्म 10D (डिजिटली साइन किया हुआ)
पेंशन में वृद्धि के अन्य प्रावधान
डियरनेस रिलीफ (महंगाई भत्ता)
EPFO पेंशन में महंगाई को ध्यान में रखते हुए नियमित रूप से वृद्धि की जाती है। यह वृद्धि सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले DA के समान होती है।
वॉलंटरी कंट्रीब्यूशन का विकल्प
कर्मचारी अपनी मासिक पेंशन बढ़ाने के लिए स्वैच्छिक योगदान भी कर सकते हैं। यह सुविधा उन्हें अधिक सुरक्षित भविष्य की योजना बनाने में मदद करती है।
निष्कर्ष
EPFO पेंशन योजना 2026 में किए गए बदलाव भारतीय कर्मचारियों के लिए एक स्वागत योग्य कदम है। 36-मंथ नियम में दी गई राहत और ₹7,500 तक की मासिक पेंशन की संभावना ने सेवानिवृत्त जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बना दिया है।
यह महत्वपूर्ण है कि सभी पात्र कर्मचारी इस योजना का लाभ उठाएं और समय पर अपना आवेदन जमा करें। EPFO की ऑनलाइन सुविधाओं ने प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बना दिया है।
यदि आप EPFO के सदस्य हैं या रहे हैं, तो अपनी पात्रता की जांच करें और इस योजना का पूरा लाभ उठाएं। आखिरकार, यह आपके वर्षों की मेहनत का फल है और एक सुरक्षित भविष्य की गारंटी।










