हेलो दोस्तों!
कैसे हैं आप सब? उम्मीद है, आपकी सेहत और दिन अच्छे चल रहे होंगे। आज मैं आपके साथ एक ऐसी ख़बर लेकर आया हूँ जो हमारे सहारा इंडिया परिवार के लाखों भाइयों-बहनों के लिए बहुत, बहुत ज़रूरी है। वैसे भी, ये परिवार का मामला है तो दिल से लिखने का मन कर रहा है। क्योंकि मैं जानता हूँ, इन निवेशकों की कहानी कितनी लंबी और इंतज़ार से भरी है।
सुना है आपने? अब आशा की एक नई किरण दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर, Sahara Refund Form को दोबारा भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है! जी हाँ, वही रिफंड फॉर्म, जिसके बारे में इतने सालों से बात चल रही थी। मेरे लिए ये ख़बर सुनकर एक अजीब सी फीलिंग हुई – आधी खुशी, आधी उम्मीद और थोड़ी सी चिंता भी… क्योंकि हम सब जानते हैं कि ये राह आसान नहीं रही।
क्या हुआ है नया?
आसान शब्दों में समझें तो, जिन निवेशकों ने पहले भी अपना रिफंड फॉर्म भरा था, लेकिन उसमें किसी तरह की कोई कमी रह गई थी या details सही नहीं थीं, उनके लिए एक नया मौका आया है। इसे ही Re-Submission कहते हैं। मतलब, फॉर्म को दोबारा जमा करने का अवसर। ये प्रक्रिया सहारा-एसईबीआई रिफंड पोर्टल पर शुरू हो चुकी है।
इस बार क्या-क्या ध्यान रखना है?
दोस्तों, इस बार थोड़ा और सजग रहने की ज़रूरत है। क्योंकि ये शायद आखिरी मौका हो सकता है। इसलिए, अपना document और जानकारी चेक करते वक्त दस बार सोचें।
- सबसे पहले: अगर आपने पहले फॉर्म भरा था, तो अपना status ज़रूर चेक करें। पोर्टल पर लॉग इन करके देख लें कि कहीं आपका फॉर्म ‘अधूरा’ या ‘ग़लत’ तो नहीं दिख रहा।
- दस्तावेज हैं राजा: अपने सारे original documents जैसे deposit certificate, पहचान पत्र, पते का प्रमाण, बैंक passbook की कॉपी, फोटो आदि पहले से तैयार रखें। उनकी साफ-साफ स्कैन कॉपी बना लें।
- भरें सही जानकारी: फॉर्म में हर जानकारी, नाम, पता, अकाउंट नंबर, राशि… सब कुछ बिल्कुल वैसा ही लिखें जैसे आपके मूल दस्तावेजों में है। एक अक्षर का भी फर्क परेशानी खड़ी कर सकता है।
- नया फॉर्म भरना है? अगर आपने पहले कभी फॉर्म नहीं भरा है, तो घबराएँ नहीं। आप fresh submission भी कर सकते हैं। पोर्टल पर इसका भी विकल्प मौजूद है।
हमारी भावनाएं और सावधानियाँ
इस पूरी प्रक्रिया में मेरा दिल कहता है कि हमें एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। हमारे बुजुर्ग, कम पढ़े-लिखे भाई-बहन जिन्हें online process समझने में दिक्कत होती है, उनकी मदद करें। उन्हें बताएं, समझाएं। ये हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
एक और बात… इस process के नाम पर किसी से कोई extra charge या कमीशन न लेने दें। सारा काम पोर्टल पर ही और खुद ही करें। किसी ठगी का शिकार न बनें। आपकी मेहनत की कमाई सीधे आपके खाते में आनी चाहिए, किसी और की जेब में नहीं।
आखिर में, दिल की बात
सहारा परिवार के मेरे साथियों, ये रास्ता बहुत लंबा रहा है। थकान और निराशा तो आई ही होगी। लेकिन अब जब ये नया दरवाज़ा खुला है, तो इसे पूरी ईमानदारी और सावधानी से अंजाम देना है। ये हमारे हक की लड़ाई है और हमें इसे पूरा करना है।
आप सबके लिए मेरी कामना है कि आपका पैसा जल्द से जल्द आप तक पहुँचे। आपकी मुसीबतें कम हों और जीवन में फिर से खुशहाली लौटे।
कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, एक-दूसरे का हाथ थामकर चलते हैं। यही हमारी ताकत है।
आपको यह जानकारी कैसी लगी? कमेंट में ज़रूर बताएं। और हाँ, इस पोस्ट को उन सभी तक पहुँचाएँ जिनके लिए ये जानकारी जीवन-मरण का सवाल है।










